भारत में धर्म बहस
वर्तमान में भारत में हर social साईट पर धर्म के बारे में चर्चा बहुत होती है . ऐसे बहुत से लोग मिल जाएँगे जो अपने धर्म को महान बताने के चक्कर में दुसरे धर्मो को या दुसरे धर्मो के लोगो को गलत बताते है.और हर रोज़ किसी ना किसी टीवी चैनल पर धर्म के विषयो पर चर्चा होतो रहती है . जिन व्यक्तियों को ये भी नही पता की हम दुसरे धर्मो की या लोगो की निंदा करते है तो आगे वाले व्यक्ति को हम एक गलत सन्देश दे रहे है, आगे वाला व्यक्ति सोचेंगा की इनके धर्म में यही सिखाया जाता है .न जाने धर्म के आड़ में इसे लोगो के मानवीय मूल्य भी ख़त्म हो गये है . जगह जगह पर धर्म को लेकर झगडे होते रहते है .कही बार तो youtube पर से एक धर्म का व्यक्ति दुसरे धर्म के व्यक्ति के विचारो की निंदा करता है ...
जब की उन्हें पता होता है की हर धर्म प्यार मोहोब्बत से जीना सिखाता है पर ये लोग तो दुसरे धर्म की निंदा में लगे होते है . ये लोग सोचते है की ऐसा करने से हमारा धर्म आगे बढेंगा लेकिन उसका विपरीत ही परिणाम ही होता है .
धर्म पर बहस होना स्वाभाविक है लेकिन उसके गुणों एवं खूबियों पर बहस एवं चर्चा हो न की एक धर्म द्वारा दुसरे धर्म को नीचा या गलत दिखने पर चर्चा हो ..

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